@ नई दिल्ली :-
संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल ने भारतीय संस्कृति पोर्टल (आईसीपी) (www.indianculture.gov.in) के संस्करण 2.0 का शुभारंभ किया। यह राष्ट्रीय डिजिटल प्लैटफॉर्म का महत्वपूर्ण तकनीकी उन्नयन है और भारत की विशाल और विविध सांस्कृतिक विरासत तक पहुंच प्रदान करता है।

भारतीय संस्कृति पोर्टल को मूल रूप से दिसंबर 2019 में इस उद्देश्य से शुरू किया गया था कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, इतिहास, साहित्य, कला और विरासत के बारे में सभी जानकारी हासिल कर सकें।
यह देशभर के संग्रहालयों, पुस्तकालयों, अभिलेखागारों और सांस्कृतिक संस्थानों के डिजिटल संसाधनों को एक ही एकीकृत मंच पर एकत्रित करता है। उपयोग करने वालों बढ़ती संख्या और विकसित होती तकनीकी अपेक्षाओं के साथ पोर्टल को व्यापक रूप से अपग्रेड किया गया है ताकि शीघ्र, उच्च गुणवत्ता वाला प्रदर्शन और उपयोगकर्ता के अनुकूल अनुभव प्रदान किया जा सके।
संस्करण 2.0 एक आधुनिक संरचना का परिचय देता है, जो एक ड्रुपल बैकएंड के साथ रिएक्ट-आधारित फ्रंटएंड का संयोजन करता है, जिससे गति, मापनीयता और सिस्टम प्रदर्शन में काफी सुधार होता है। यह नई संरचना पहले की विशालकाय प्रणाली का स्थान लेती है और उच्च ट्रैफिक के दौरान भी शीघ्र लोडिंग, बेहतर प्रतिक्रियाशीलता और बढ़ी हुई विश्वसनीयता सुनिश्चित करती है। इस प्लैटफॉर्म को आधुनिक तकनीकों का उपयोग करके विकसित किया गया है ताकि लाखों उपयोग करने वालों को सहायता मिल सके और भविष्य की डिजिटल सेवाओं को आसानी से एकीकृत किया जा सके।

उन्नत पोर्टल की प्रमुख विशेषताओं में से एक है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-सक्षम उपकरणों का एकीकरण, जिन्हें उपयोगकर्ता की सहभागिता और सांस्कृतिक सामग्री की खोज को बेहतर बनाने के लिए डिजाइन किया गया है।
भारती नामक एक एआई-संचालित चैटबॉट को पोर्टल पर उपयोगकर्ताओं की सहायता करने, प्रश्नों के उत्तर देने, सांस्कृतिक सामग्री का सारांश प्रस्तुत करने और उपयोगकर्ताओं को प्रासंगिक संसाधनों तक मार्गदर्शन करने के लिए पेश किया गया है। यह चैटबॉट भारत सरकार के भाषिनी प्लैटफॉर्म के साथ एकीकृत है, जिससे 22 भारतीय भाषाओं में प्रतिक्रियाएं संभव हो पाती हैं और इस प्रकार भाषाई समुदायों के उपयोगकर्ताओं के लिए पहुंच में काफी सुधार होता है।
इस पोर्टल में एक उन्नत बहुस्तरीय वैश्विक खोज प्रणाली भी शामिल है, जो फुल टेक्स्ट (पूर्ण-पाठ) खोज क्षमताओं के साथ-साथ इंटेलीजेंट मेटाडेटा फिल्टर और पहलूबद्ध नेविगेशन प्रदान करती है, जिससे उपयोगकर्ता सांस्कृतिक संसाधनों को अधिक कुशलता से खोज सकते हैं।
उन्नत पोर्टल एक प्रोग्रेसिव वेब ऐप (पीडब्ल्यूए) के रूप में कार्य करता है। इससे यूजर्स बिना ऐप स्टोर से डाउनलोड किए बिना ही ऐप जैसे अनुभव के साथ विभिन्न उपकरणों पर प्लैटफॉर्म को इंस्टॉल और एक्सेस कर सकते हैं। यह पीडब्ल्यूए डेस्कटॉप, टैबलेट और स्मार्टफोन पर निर्बाध प्रदर्शन सुनिश्चित करता है। इसमें सांस्कृतिक अनुभवों को भी शामिल किया गया है, जिसमें विरासत स्मारकों के 3डी वॉकथ्रू और 360-डिग्री वर्चुअल टूर शामिल हैं, जिससे उपयोगकर्ता भारत के स्थापत्य और ऐतिहासिक स्थलों को डिजिटल रूप से देख सकते हैं।
उन्नत पोर्टल में 46 चुनिंदा सांस्कृतिक श्रेणियां हैं, जो समृद्ध ज्ञान संसाधन और भारत के प्रतिष्ठित युद्ध, भारत की लोककथाएं, युगों-युगों से चली आ रही चिकित्सा पद्धतियां, भारत के पौराणिक व्यक्तित्व, भारत के शास्त्रीय नृत्य आदि जैसे नए मूल खंडों की पेशकश करती हैं। इन खंडों का उद्देश्य भारत की सांस्कृतिक विरासत के बारे में आकर्षक विवरण प्रदान करना है साथ ही भारतीय विरासत में रुचि रखने वाले छात्रों, शोधकर्ताओं, शिक्षकों और नागरिकों का सहयोग करना है। सहभागिता के माध्यम से सीखने को प्रोत्साहित करने के लिए पोर्टल में सभी आयु वर्ग के यूजर्स के लिए डिजाइन किए गए इंटरैक्टिव सांस्कृतिक खेल, प्रश्नोत्तरी, पहेलियां और क्रॉसवर्ड शामिल हैं।

इंडियन कल्चर पोर्टल अब आकार परिवर्तन करने में सक्षम (स्केलेबल,), भविष्य के लिए तैयार डिजिटल प्लैटफॉर्म के रूप में स्थापित है जो उभरती प्रौद्योगिकियों को एकीकृत करने, सामग्री साझेदारी का विस्तार करने और भारत के सांस्कृतिक ज्ञान संसाधनों के लिए व्यापक पहुंच का सहयोग करने में सक्षम है।
उन्नत प्लैटफॉर्म चुनिंदा सांस्कृतिक सामग्री, बेहतर खोज क्षमताओं और बहुभाषी डिजिटल जुड़ाव तक तेजी से पहुंच प्रदान करके नागरिकों, शोधकर्ताओं, सांस्कृतिक संस्थानों और नीति निर्माताओं को लाभान्वित करेगा।
संस्कृति मंत्रालय भारत और दुनिया भर के दर्शकों के लिए भारत की सांस्कृतिक विरासत तक पहुंच को डिजिटल बनाने, संरक्षित करने और सबके लिए सुलभ बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता और प्रयास जारी रखता है।
