@ श्रीनगर जम्मू और कश्मीर :-
हस्तशिल्प और हथकरघा विभाग कश्मीर हाट में दो दिवसीय प्रशिक्षु उत्पादों की बिक्री का आयोजन कर रहा है, जिसे नुमाइश गाह के रूप में जाना जाता है, जो 25 फरवरी, 2026 से शुरू होगा।

कश्मीर संभाग के 10 जिलों के 432 प्रशिक्षण केंद्रों में प्रशिक्षुओं द्वारा बनाए गए शिल्प उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें हाथ से बुने हुए ऊनी कालीन, जीआई-टैग वाले पश्मीना और कानी शॉल और स्टोल, क्रूएल पर्दे, सोज़नी-कढ़ाई वाले शॉल, ज़री और आरी कढ़ाई वाले सूट, ट्वीड कपड़ा, चेनस्टिच गलीचे और कुशन कवर, टेपेस्ट्री, गब्बा और नमदा उत्पाद, पैपियर मैचे और विलो विकर स्मारिका और सजावट की वस्तुएं शामिल हैं।
डिपार्टमेंट के एक स्पोक्सपर्सन ने बताया कि प्रोडक्ट्स बहुत सस्ते रेट पर दिए जा रहे हैं, और कीमत सिर्फ़ इस्तेमाल किए गए मटीरियल के हिसाब से कैलकुलेट की गई है। उन्होंने कहा, इसमें कोई लेबर कॉस्ट नहीं जोड़ी गई है, जिससे खरीदारों को असली हाथ से बने प्रोडक्ट्स कॉस्ट-टू-कॉस्ट मिल सकें और साथ ही ट्रेनीज़ को अपनी स्किल्स दिखाने के लिए एक प्लेटफॉर्म भी मिले।
उन्होंने आगे बताया कि पिछली तीन ट्रेनी प्रोडक्ट्स की एग्ज़िबिशन में कुल ₹57 लाख का रेवेन्यू जेनरेट हुआ है, जो कश्मीर के हाथ से बने प्रोडक्ट्स के लिए लोगों के ज़बरदस्त रिस्पॉन्स और डिमांड को दिखाता है। मौजूदा एग्ज़िबिशन के दौरान ज़िले के स्टॉल्स से अच्छी बिक्री होने की उम्मीद है, जिसमें पश्मीना, क्रूएल, पेपर माशे और विलो विकर प्रोडक्ट्स में खास दिलचस्पी की उम्मीद है।

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