@ चंडीगढ़ पंजाब :
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को कहा कि राज्य सरकार राज्य में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र के कायाकल्प को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

मुख्यमंत्री ने उप-मंडल अस्पताल का निरीक्षण किया और कहा कि इस दौरे का उद्देश्य किसी भी तरह की खामी निकालना नहीं है, बल्कि सरकारी अस्पतालों में व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों ने पहली बार देखा है कि राज्य का कोई मुख्यमंत्री सरकारी कार्यालयों या अस्पतालों का दौरा कर रहा है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इसका उद्देश्य केवल राज्य के लोगों की भलाई सुनिश्चित करना है और उन्हें हर तरह से नागरिक केंद्रित सेवाएं सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो साल से अधिक समय के दौरान स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य क्षेत्र में काॅलेजों की कायापलट हो चुकी है और सरकारी अस्पतालों में आधुनिक मशीनें और उपकरण लगाए गए हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य भर के सभी सरकारी अस्पतालों में दवाइयां मुफ्त उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एसएएस नगर (मोहाली), कपूरथला, संगरूर, होशियारपुर और मलेरकोटला में आगामी मेडिकल कॉलेजों के निर्माण का काम जोरों पर चल रहा है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों का उद्देश्य राज्य को देश में मेडिकल शिक्षा का केंद्र बनाना है, जिससे पंजाब के लोगों को काफी लाभ होगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि मेडिकल शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक विद्यार्थियों को इन मेडिकल कॉलेजों में गुणवत्तापूर्ण मेडिकल शिक्षा प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार राज्य भर में मेडिकल स्टाफ विशेषकर डॉक्टरों, नर्सों और सफाई कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए कड़े प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य के निवासियों को इन संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलें। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस नेक काम के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी और लोगों की सुविधा के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें यह देखकर दुख हुआ कि बुढलाडा की प्रसिद्ध आईटीआई की हालत खस्ता है। उन्होंने अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर संस्थान को नया रूप देने के लिए मास्टर प्लान तैयार करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि संस्थान को विद्यार्थियों और युवाओं को विश्व स्तरीय पाठ्यक्रम प्रदान करने चाहिए ताकि उनके लिए स्वरोजगार के नए रास्ते खुल सकें। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इससे राज्य में औद्योगिक घरानों के लिए आवश्यक कुशल श्रमिकों का एक पूल तैयार करने में मदद मिलेगी।
