टिहरी गढ़वाल के जड़धार गाँव का वनो से है अनूठा संबंध

@ कमल उनियाल द्वारीखाल उत्तराखंड :-

उत्तराखंड के पर्वतीय जिलो के लोगों का जल जंगल और पर्यावरण से अटूट संबंध सदियों से रहा है। यहाँ की आर्थिकी जंगल के इर्द गिर्द घूमती है कहते है वन हर मनुष्य की जरुरत पूरी करता है लेकिन हर व्यक्ति के लालच को नहीं, वनो में आया वर्तमान संकट की देन लालच ही है।

लेकिन आज भी कुछ विभूति है जो विना स्वार्थ के जंगलो को बचाना अपना उद्देश्य समझते हैं। जहाँ के लोग वनो को ही अपना सवत्र जीवन है ऐंसा ही गाँव हैं नरेन्द्रनगर वन प्रभाग के सकलाना रेंज टिहरी गढवाल के जडधार गाँव के दशरथ माँझी विजय जडधारी चिपको आंदोलन के प्रणेता जिन्होंने सुंदर बहुगुणा, गोरा देवी, चंडी प्रसाद भट्ट के सानिध्य में अस्सी दशक में पेडो को बचाने का जो प्रयास किया उससे उत्तराखंड का जनमानस गौरवान्वित हुआ।

उन्ही की प्रेरणा से उन्होने अपने गाँव की 140 हेक्टेयर आरक्षित वन, पंचायती वन, सिविल वन जो कि वीरान हो चुके थे उनको बचाने और गाँव वालो की पीड़ा समझते हुए सन् 1980 में अपने ही गाँव में वन सुरक्षा समिति का गठन किया जिसके सुरक्षा के लिए दो वन चौकीदार नियुक्त किये इनके वेतन के लिए 10रुपये हिस्सेदारी प्रति परिवार से ली गयी अस्सी दशक में बिना सरकारी मदद, बिना संसाधन से वनो का संरक्षण का बीडा उठाया।आज तक इस 140हेक्टर में फेले इस वन क्षेत्र में कभी आगजनी की घटना नहीं हुयी।

पर्यावरणविद विजय जडधारी ने बताया कि वनो के प्रति सभी गाँव वालो की सहभागिता से ये मिश्रित वन हरियाली आच्छादित है उनके सहयोग से प्राकृतिक रुप से उगे बाँज बुराँश सहित अन्य प्रजाति के पेडो का संरक्षण किया जाता है वनो के प्रति सहभागिता और वनो के प्रति आगाध लगाव यह गाँव प्रेरणा का मिसाल बन चुका है।

यहाँ के लोगों को अपने वनो का गहरा लगाव देखकर आम नागरिको को जागरूकता के उदेश्य से ग्रीन इंडिया मिशन योजना के तहत भूमी संरक्षण वन प्रभाग लैन्सडौन के जयहरीखाल रेंज के वन समिति सदस्य, वन सरपंच, वन कार्मिको का वनो के प्रति सकारात्मक बदलाव लाने के लिए इस गांव का अध्ययन और भ्रमण कार्यक्रम भूमी संरक्षण वन प्रभाग लैन्सडौन द्वारा कराया गया।

जयहरीखाल रेंज के वन दरोगा हरक सिंह दानु के नेतृत्व मे गये 50वन समितियों के सरपंच सदस्य और वन विभाग के कर्मचारियों ने जडधार गाँव की वनो के प्रति त्यागमयी संस्कृति और गहरा लगाव की सराहना की। अन्य क्षैत्रो के लिए प्रेरणा बना इस गांव ने अनूठी मिसाल कायम की।

इसी तर्ज पर अध्ययन और भ्रमण पर आये भूमी संरक्षण वन प्रभाग लैन्सडौन के जयहरीखाल रेंज के सरपंचो सदस्यों वन कार्मिको ने वन सुरक्षा, वन संरक्षण, पर्यावरण से जुड़ी गतिविधियों के गुर सीखे और कहा इस प्रेरणादायक सीख से अपने अपने वन क्षेत्रों में वन संरक्षण में सबकी सहभागिता से अहम भूमिका निभायेंगे।

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