@ नई दिल्ली :-
समुद्री सुरक्षा से लेकर ऊंचाई पर माउंटेनियरिंग तक एक ऐतिहासिक छलांग लगाते हुए, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री, पुष्कर सिंह धामी ने आज एक बड़े समारोह में 17 सदस्यों वाली इंडियन कोस्ट गार्ड (ICG) माउंटेनियरिंग टीम को आधिकारिक तौर पर हरी झंडी दिखाई। यह कार्यक्रम एडिशनल डायरेक्टर जनरल इंडियन कोस्ट गार्ड, आनंद प्रकाश बडोला, PTM, TM की खास मौजूदगी में हुआ।

इस समारोह में 07 अक्टूबर 2026 को माउंट मुकुट (7,045 मीटर) पर टीम की सफल चढ़ाई का सम्मान किया गया—यह हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट (HMI), दार्जिलिंग के एक्सपर्ट गाइडेंस में हासिल की गई एक बड़ी कामयाबी थी।
माउंट मुकुट एक्सपीडिशन, फेज़ V था और 18 महीने के इंटेंसिव तैयारी ट्रेनिंग प्रोग्राम का आखिरी, ज़रूरी पड़ाव था, जिसे आखिरी मकसद के लिए डिज़ाइन किया गया था: 2027 में इंडियन कोस्ट गार्ड के स्वर्णिम जयंती सेलिब्रेशन के दौरान माउंट एवरेस्ट पर चढ़ना।
वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टीम के ज़बरदस्त हिम्मत और धीरज की तारीफ़ की, और इस बात पर ज़ोर दिया कि उनकी यह कामयाबी हिम्मत और देश के गर्व की सच्ची भावना को दिखाती है।
माउंट मुकुट अभियान में भारतीय तटरक्षक बल को मिली सफलता
आपको बता दे की भारतीय तटरक्षक बल का पर्वतारोहण अभियान 15 सितंबर 2026 को शुरू हुआ। अभियान के दौरान टीम ने 1 अक्टूबर को बेस कैंप-1 स्थापित किया। इसके बाद प्रतिकूल मौसम और दुर्गम परिस्थितियों का सामना करते हुए पर्वतारोहियों ने 7,045 मीटर ऊंची माउंट मुकुट चोटी तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
इस अभियान से प्राप्त अनुभव और तकनीकी जानकारियां वर्ष 2027 में प्रस्तावित माउंट एवरेस्ट अभियान की तैयारियों में महत्वपूर्ण योगदान देंगी। यह उपलब्धि भारतीय तटरक्षक बल के साहस, दृढ़ संकल्प और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करने की क्षमता को दर्शाती है। समुद्री सुरक्षा के साथ-साथ पर्वतारोहण के क्षेत्र में भी बल अपनी क्षमताओं का विस्तार कर रहा है।
ADG आनंद प्रकाश बडोला ने एक्सपीडिशन टीम को हिमालय के सबसे मुश्किल इलाकों में से एक पर उनकी मेंटल मज़बूती, फिजिकल मज़बूती और बिना रुकावट टीम वर्क के लिए बधाई दी।

प्रजा टुडे के संवादाता को भारतीय तटरक्षक बल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कमांडेंट अमित उनियाल द्वारा ये जानकारी दी गई। कमांडेंट अमित उनियाल स्वयं भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
ऊंचाई वाला एक्सपीडिशन 15 Sep 2026 को शुरू हुआ, जिसमें टीम ने 01 Oct 26 को बेस कैंप-I बनाया, और फिर खराब मौसम के हालातों में आगे बढ़कर 7,045 मीटर ऊंची चोटी पर चढ़ाई की। इस सफल चढ़ाई के दौरान मिला ज़रूरी ऑपरेशनल अनुभव और सबक, ऐतिहासिक 2027 माउंट एवरेस्ट एक्सपीडिशन की आखिरी तैयारियों की रीढ़ बनेंगे।
