@ नई दिल्ली :-
वाइस एडमिरल गुरचरण सिंह, एवीएसएम, एनएम ने 01 नवंबर, 2025 को भारतीय नौसेना के कार्मिक प्रमुख के रूप में पदभार ग्रहण किया।वे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (खड़कवासला) के पूर्व छात्र रहे हैं और उन्हें 01 जुलाई, 1990 को भारतीय नौसेना में कमीशन किया गया था।
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वाइस एडमिरल गुरचरण सिंह ने जल और तट दोनों ही क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। उन्होंने गनरी और मिसाइल विशेषज्ञ के रूप में भारतीय नौसेना के प्रमुख युद्धपोतों आईएनएस रंजीत और आईएनएस प्रहार पर सेवा दी है। फ्लैग ऑफिसर को तीन स्वदेश निर्मित युद्धपोतों में कार्य करने का विशेष गौरव प्राप्त है, जिनमें आईएनएस ब्रह्मपुत्र में गनरी अधिकारी के रूप में, आईएनएस शिवालिक में कार्यकारी अधिकारी के रूप में और आईएनएस कोच्चि में कमांडिंग ऑफिसर के रूप में कमीशनिंग क्रू का हिस्सा बनने का गौरव प्राप्त है। इसके अलावा, उन्होंने आईएनएस विद्युत और आईएनएस खुखरी की भी कमान संभाली है।
वे आईएनएस द्रोणाचार्य (गनरी स्कूल) में प्रशिक्षक के रूप में कार्य कर चुके हैं और साथ ही उन्होंने गोवा स्थित नेवल वॉर कॉलेज में डिप्टी कमांडेंट के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल में कार्मिक विभाग में सहायक प्रमुख (एचआरडी) के रूप में कार्य किया और राष्ट्रीय मुख्यालय में नौसेना खुफिया निदेशालय तथा भारतीय नौसेना वर्क-अप टीम में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
वाइस एडमिरल ने नवंबर 2022 में पूर्वी बेड़े के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग का पदभार संभाला है, जहां उनके नेतृत्व में बेड़े ने ‘लक्ष्य पर आयुध’ मिशन हेतु ध्यान केंद्रित करते हुए उच्च परिचालन तैयारियों को बनाए रखा। उन्हें जनवरी 2024 में वाइस एडमिरल के पद पर पदोन्नत होने के बाद, कार्मिक सेवाओं का नियंत्रक नियुक्त किया गया। इस पद पर रहते हुए, उन्होंने कर्मियों और नौसेना समुदाय की कार्य स्थितियों में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण पहल कीं। कार्मिक प्रमुख का पदभार ग्रहण करने से पहले, वह राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खडकवासला के कमांडेंट के रूप में सेवा कर चुके थे।
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वाइस एडमिरल गुरचरण सिंह ने प्रारंभिक प्रशिक्षण के दौरान अपने बैच में ‘योग्यता के समग्र क्रम में प्रथम’ स्थान प्राप्त करते हुए प्रतिष्ठित एडमिरल कटारी ट्रॉफी प्राप्त की। उनकी कमान में, आईएनएस खुखरी को दिसंबर 2011 में समग्र परिचालन दक्षता और समुद्री डकैती विरोधी अभियानों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए नौसेना प्रमुख का यूनिट प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। उनके विशिष्ट सेवा योगदान के लिए उन्हें एफओसी-इन-सी प्रशस्ति (2002), नौसेना पदक (2020) और अति विशिष्ट सेवा पदक (2024) से सम्मानित किया गया है।
वाइस एडमिरल गुरचरण सिंह की शैक्षणिक योग्यताओं में रक्षा एवं सामरिक अध्ययन में एम.एससी. और एम.फिल. शामिल हैं। उन्होंने एक पेशेवर रूप से दक्ष अधिकारी के रूप में डीएसएससी वेलिंगटन में स्टाफ कोर्स, नेवल वॉर कॉलेज में उच्च कमान कोर्स और भारत में प्रतिष्ठित राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज (एनडीसी) का पाठ्यक्रम पूरा किया है। इसके अतिरिक्त, फ्लैग ऑफिसर ने वाशिंगटन स्थित नेशनल इंटेलिजेंस यूनिवर्सिटी (एनआईयू) में मैरीटाइम इंटेलिजेंस कोर्स तथा स्टॉकहोम, स्वीडन में संयुक्त राष्ट्र स्टाफ ऑफिसर्स कोर्स (यूएनएसओसी) में भी भाग लिया है।
वाइस एडमिरल बी शिवकुमार
वाइस एडमिरल बी. शिवकुमार, एवीएसएम, वीएसएम ने 01 नवंबर, 2025 को भारतीय नौसेना के 40वें चीफ ऑफ मटेरियल के रूप में पदभार ग्रहण किया। वे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के 70वें कोर्स के पूर्व छात्र हैं और उन्होंने 01 जुलाई, 1987 को भारतीय नौसेना में इलेक्ट्रिकल ऑफिसर के रूप में कमीशन प्राप्त किया था। बी. शिवकुमार ने आईआईटी चेन्नई से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की है।
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वे उस्मानिया विश्वविद्यालय से उच्च रक्षा प्रबंधन में भी परास्नातक हैं और मद्रास विश्वविद्यालय से एम.फिल. की उपाधि रखते हैं। इसके अतिरिक्त, वाइस एडमिरल राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज के पूर्व छात्र भी रहे हैं। वाइस एडमिरल शिवकुमार ने 38 वर्षों से अधिक की अपनी विशिष्ट और उल्लेखनीय सेवा के दौरान नौसेना मुख्यालय, मुख्यालय एटीवीपी, नौसेना डॉकयार्ड तथा विभिन्न कमांड मुख्यालयों में अनेक महत्वपूर्ण एवं नेतृत्वकारी पदों पर कार्य किया है।
उन्होंने भारतीय नौसेना के अग्रिम पंक्ति के युद्धपोत आईएनएस रंजीत, आईएनएस कृपाण और आईएनएस अक्षय पर भी सेवा दी है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने नौसेना के प्रमुख विद्युत प्रशिक्षण प्रतिष्ठान आईएनएस वलसुरा की सफलतापूर्वक कमान संभाली है।
एडमिरल को यह दुर्लभ गौरव प्राप्त है कि उन्होंने नौसेना मुख्यालय में हथियार उपकरण एवं इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के दोनों प्रमुख विद्युत निदेशालयों के कार्यों की अध्यक्षता की है। उन्होंने भारतीय नौसेना के पूर्वी और पश्चिमी तटों पर स्थित दोनों प्रमुख नौसेना डॉकयार्डों में भी सेवा देकर व्यापक अनुभव अर्जित किया है। उनके पास प्रौद्योगिकी, परियोजना प्रबंधन व तकनीकी प्रशासन के विविध क्षेत्रों में गहन विशेषज्ञता है।
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बी. शिवकुमार ने फ्लैग ऑफिसर के रूप में अपर महानिदेशक (टेक्निकल), प्रोजेक्ट सीबर्ड, मुख्य स्टाफ अधिकारी (टेक्निकल), मुख्यालय पश्चिमी नौसेना कमान (एचक्यूडब्ल्यूएनसी) तथा एडमिरल सुपरिंटेंडेंट, नौसेना डॉकयार्ड, मुंबई जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है।
नौसेना मुख्यालय में सहायक प्रमुख (सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रणाली) के रूप में अपने कार्यकाल के उपरांत, उन्हें वाइस एडमिरल के पद पर पदोन्नत किया गया और कार्यक्रम निदेशक, मुख्यालय एटीवी परियोजना के रूप में नियुक्त किया गया। इसके पश्चात उन्होंने युद्धपोत उत्पादन एवं अधिग्रहण के नियंत्रक तथा महानिदेशक, नौसेना परियोजनाएं (विशाखापत्तनम) के रूप में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं।
वाइस एडमिरल बी. शिवकुमार, एवीएसएम, वीएसएम ने वाइस एडमिरल किरण देशमुख, एवीएसएम, वीएसएम से चीफ ऑफ मटेरियल का पदभार ग्रहण किया। वाइस एडमिरल किरण देशमुख ने 39 वर्षों से अधिक की गौरवशाली और विशिष्ट सेवा पूर्ण करने के उपरांत यह दायित्व उन्हें सौंपा। वाइस एडमिरल किरण देशमुख भारतीय नौसेना के एक प्रतिष्ठित अधिकारी एवं पूर्णतः पेशेवर फ्लैग ऑफिसर के रूप में विख्यात हैं।
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उन्होंने नौसेना को तकनीकी रूप से भविष्य के लिए तैयार करने और यह सुनिश्चित करने हेतु कि भारतीय नौसेना के सभी प्लेटफॉर्म युद्ध के लिए सदैव तत्पर तथा बहुआयामी अभियानों के संचालन में सक्षम रहें, पेशेवर उत्कृष्टता एवं प्रेरक नेतृत्व का एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना की दीर्घकालिक तैनाती के समय प्रदर्शित उच्चतम स्तर की तत्परता, उनकी दूरदर्शिता, सूक्ष्म योजना और उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता का सजीव प्रमाण है।
