@ देहरादून उत्तराखंड :-
वंदे मातरम् राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में महाविद्यालय में भव्य गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियां दीं।कार्यक्रम काआरंभ संयोजक डॉ शिप्रा द्वारा किया गया।

इस अवसर पर महाविद्यालय की संरक्षिका प्राचार्य प्रो. एल.आर.राजवंशी ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं बल्कि देश की आत्मा और स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा है। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने समूह एवं एकल गायन के माध्यम से अपनी कला का प्रदर्शन किया।
निर्णायक मंडल में वनस्पति विभाग से डॉ दीपिका एवं डॉ पवनिका चंदोला द्वारा प्रतिभागियों के स्वर, ताल, भाव और प्रस्तुति के आधार पर मूल्यांकन किया। गायन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान वंदना (बी. ए. चतुर्थ सेम), द्वितीय स्थान सिमरन (बी. ए.द्वितीय सेम), तृतीय स्थान तनीषा( एम.ए चतुर्थ सेम हिंदी) एवं समूह गान में अमीषा एवं संजना( बी.ए. द्वितीय सेम) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया ।
कार्यक्रम का समापन सामूहिक रूप से वंदे मातरम् के गायन के साथ हुआ, जिससे पूरे वातावरण में देशभक्ति की भावना गूंज उठी।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025- 26 में वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर पूरे देश में विभिन्न सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस अवसर पर हिंदी विभाग से डॉ उमेश ध्यानी एवं डॉ सुमन कुकरेती, राजनीति विभाग से डॉ अजय रावत एवं डॉ वंदना ध्यानी बहुगुणा, अंग्रेजी विभाग प्रभारी डॉ मानसी वत्स, उपस्थित रहे ।
