केंद्रीय रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने रेल व्हील फैक्ट्री का निरीक्षण किया

@ बेंगलुरु कर्नाटक

केंद्रीय रेल और जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने येलहंका में रेल व्हील फैक्ट्री का निरीक्षण किया और बेंगलुरु उपनगरीय रेल परियोजना के संबंध में समीक्षा बैठक की। यह समीक्षा बैठक कर्नाटक सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग और अवसंरचना मंत्री एम.बी. पाटिल के साथ बेंगलुरु में हुई। इस निरीक्षण और समीक्षा के दौरान आरडब्ल्यूएफ के महाप्रबंधक राजगोपाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

आरडब्ल्यूएफ के दौरे के समय सोमन्ना को संयंत्र की क्षमता बढ़ाने की दिशा में उठाए गए विभिन्न कदमों की जानकारी दी गई। सोमन्ना ने फोर्जिंग कॉम्प्लेक्स, एक्सल मशीनिंग यूनिट और व्हील कास्टिंग यूनिट सहित प्रमुख इकाइयों का निरीक्षण किया। उन्होंने कर्मचारियों से बातचीत की, उनके सुझावों और शिकायतों का समाधान किया और रेल व्हील फैक्ट्री के समग्र प्रदर्शन की समीक्षा की। उन्होंने तीसरी एक्सल मशीनिंग लाइन के चालू होने का उल्लेख करते हुए उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित किया, जिससे सालाना एक्सल उत्पादन 40,000 यूनिट तक बढ़ने की उम्मीद है।

सोमन्ना ने प्रेस को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन में आरडब्ल्यूएफ के महत्वपूर्ण योगदान पर बल दिया। आरडब्ल्यूएफ ने ‘मेक इन इंडिया – मेक फॉर द वर्ल्ड’ पहल के तहत मोजाम्बिक, सूडान और मलेशिया जैसे देशों को सफलतापूर्वक पहिए और एक्सल निर्यात किए हैं। मंत्री ने आरडब्ल्यूएफ की ‘जीरो डिफैक्‍ट’ विनिर्माण प्रक्रिया की प्रशंसा की, जो काफी हद तक उन्नत औद्योगिक स्वचालन द्वारा संचालित है। उन्होंने वर्ष 2023-24 के लिए रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित उत्पादन लक्ष्यों से आगे बढ़ जाने के लिए आरडब्ल्यूएफ की सराहना भी की।

सोमन्ना ने बेंगलुरु उपनगरीय रेल परियोजना की भी समीक्षा की, जिसमें बेंगलुरु के आसपास डबल लाइन रेल कनेक्टिविटी प्रदान करने के प्रति लक्षित सर्कुलर रेल परियोजना पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया गया। इस परियोजना से डोड्डाबल्लापुर, देवनहल्ली, मालूर, अनेकल, हेज्जला, सोलूर और निदावंदा जैसे क्षेत्रों को जोड़े जाने की संभावना है। सोमन्ना ने आम लोगों के लिए किफायती और सुलभ रेल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट में घनी आबादी वाले क्षेत्रों को जोड़ने को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।

विधान सौध में आयोजित एक अलग समीक्षा बैठक में  सोमन्ना ने एम.बी. पाटिल के साथ मिलकर घोषणा की कि बेंगलुरु उपनगरीय रेल परियोजना के चिक्काबनवारा-बैयप्पनहल्ली (कॉरिडोर-2, 25 किमी) और हीलालिगे-राजनुकुंटे (कॉरिडोर-4, 46.88 किमी) खंडों को दिसंबर 2026 तक पूरा करके राष्ट्र को समर्पित कर दिया जाएगा।

दोनों मंत्रियों ने भूमि अधिग्रहण के कार्य में तेजी लाने की आवश्यकता पर जोर दिया और समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने के लिए अधिकारियों से इन गलियारों के काम में तेजी लाने का आग्रह किया। उन्होंने बेंगलुरु को तुमकुर, मैसूर, मगदी, गौरीबिदनूर और कोलार जैसे निकटवर्ती शहरों से जोड़ने के लिए उपनगरीय रेल का विस्तार करने की संभावना के बारे में भी चर्चा की।

सोमन्ना ने बेंगलुरू मेट्रो, उपनगरीय रेल परियोजना और अन्य संबंधित प्राधिकरणों के बीच तालमेल के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने निर्बाध एकीकरण सुनिश्चित करने और देरी से बचने के लिए नियमित समन्वय बैठकों की सिफारिश की। बैठक में उपनगरीय रेल को बेंगलुरू के आसपास प्रस्तावित सर्कुलर रेल के साथ एकीकृत करने की संभावना पर भी चर्चा की गई, जिसे रेलवे बोर्ड ने 21,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से मंजूरी दी है।

इस समीक्षा बैठक में दक्षिण पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक अरविंद वास्तव; बेंगलुरू के मंडलीय रेल प्रबंधक योगेश मोहन, बेंगलुरू मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक महेश्वर राव, के-राइड की प्रबंध निदेशक मंजुला, बीबीएमपी के मुख्य आयुक्त तुषार गिरिनाथ और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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