@ सिद्धार्थ पाण्डेय /चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम ) झारखंड :-
महिलाओं को खेल के क्षेत्र में प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से खेल समिति चिड़िया के तत्वाधान में महिलाओं का एक दिवसीय नॉक आउट फुटबॉल टूर्नामेंट सोमवार को चिड़िया गांधी मैदान में आयोजित हुआ ।

टूर्नामेंट में जिले भर की कुल 8 टीमों ने हिस्सा लिया।टूर्नामेंट का उद्घाटन मैच बतौर विशिष्ट अतिथि चिड़िया ओपी के सहायक अवर निरीक्षक अशोक विश्वकर्मा ने फुटबॉल में किक मार कर किया । पूर्व में मैदान उतरे सीकेपी और किरीबुरू महिला फुटबॉल टीम के खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया गया । उद्धाटन मैच में सीकेपी ने किरीबुरू टीम को दो गोल से हरा कर अपनी जगह पक्की कर ली।मैच काफी रोमांचित रहा ।चिड़िया टीम की गोल कीपर सुमीरा का निडर और बेहतरीन प्रदर्शन ने दर्शकों का खूब तालियां बटोरी और बेस्ट गोलकीपर का ट्रॉफी अपने नाम किया।
सीकेपी एफसी टीम की खिलाड़ी सुनीता हेंब्रम ने बेस्ट ऑफ सीरीज का ट्रॉफी हासिल किया । पूरे टूर्नामेंट में अधिक गोल मारने का ड्रेगन एफसी चाईबासा टीम की खिलाड़ी खुशबू हेसा को बेस्ट ऑफ द स्कोरर का ट्रॉफी से नवाजा गया।
फाइनल मैच ड्रेगन एफसी चाईबासा की टीम और टारगेट एफसी सीकेपी टीम के बीच हुआ । फाइनल मैच एक जीरो गोल से ड्रेगन एफसी चाईबासा विनर टीम घोषित हुआ मुख्य अतिथि जिला परिषद उपाध्यक्ष रणजीत यादव के हाथों विनर टीम को 15 हजार का नकद राशि के साथ ट्रॉफी और ओपी प्रभारी वाहिद अंसारी के हाथों रनर टीम को 10 हजार नकद और ट्रॉफी और तीसरी स्थान रखने वाले नेहा इलेवन टीम को सहायक अवर निरीक्षक अशोक विश्वकर्मा के हाथों पांच हजार रुपया नकद राशि देकर प्रोत्साहित किया गया।

।मौके जिला परिषद उपाध्यक्ष संबोधन में कहा खेल भावना से आपसी लगाव एवं प्रतिस्पर्धा बनी रहती है ।महिलाओं को क्षेत्र में आगे बढ़ाने एवं उनके अंदर अच्छी भी प्रतिभा को निखारने के लिए यह प्रतियोगिता आयोजित की गई है ।
चिड़िया थाना ओपी प्रभारी ने शिक्षा को जोर देते हुए संबोधन में कहा कि हर श्रेत्र में महिला आगे बढ़ रही है । विजेता टीम बधाई के पात्र है ।साथ- साथ अपराजेय टीम को भी बहुत बधाई है।मन में निराशा नहीं लाए एवं आगे से पूरी तैयारी के साथ कोशिश करें ।अगली बार विजय हो । का झारखंड सरकार महिला उत्थान के लिए कई कार्यक्रम आयोजित हो रहा है और मेरा कोशिश रहेगा बेहतरीन खिलाड़ी को उनके उचित स्थान फ्लेसमेंट मिले ।
ओपी प्रभारी ने कहा भारत देश पुरुष प्रधान होने के बावजूद शिक्षा के खेल जगत में पुरुषों से कंधे से कंधे मिला रही है ।शिक्षित महिला से परिवार एवं समाज का विकास संभव है ।टूर्नामनेट को सफल बनाने में कमेटी मेंबर थॉमस लागुरी का अग्रणी योगदान रहा।
