@ कमल उनियाल उत्तराखंड
उत्तराखंड में गर्मियों में वनाग्नि की घटना देखने को मिलती है। जिस कारण पशु पक्षियों तथा वनस्पतियौ को भारी नुकसान झेलना पडता है लेकिन अब शासन प्रशासन वन विभाग की और से अभी से वनो को आग से बचाने के लिये प्लानिंग तथा दीर्घ कालीन योजना बनायी जा रही है जिसके अन्तर्गत स्थानीय ग्रामीण, महिला मंगल दल, युवक मंगल दल, फायर फाईटर, जनप्रतिनिधियो को जागरूक किया जा रहा है।

इसी के तहत भूमी संरक्षण वन प्रभाग लैन्सडौन के जयहरीखाल रैंज तथा मटियाली रेंज ने संवेदनशील अग्नि क्षेत्र के गाँवो में जनजागरुता अभियान चलाकर सराहनीय पहल कर रहे है अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में ग्रामीणो के सहयोग से झाडीकटान से लेकर पिरुल इकठ्ठा करके निष्पादन किया जा रहा है।
इसी क्रम में जयहरीखाल रेंज के गाँव शीला, सैंधी, डाबरी, देवडाली, गज्वाड, मार्डन स्कूल सतपुली, कुल्हाड, बाँसी, दरथा, बस्याणी, बैरगाँव, मटियाली रेंज के गाँव हथनूड, झटरी, राजकीय इंटर कालेज कांडाखाल, बुबयी, मथगाँव, कफ्लडी, दिउसा, जुआ, चरेख, उमरेला, जमेली, बनगाड जीआईसी मटियाली में वनाग्नि शमन वनो को आग से बचाने के लिये आम जनता के साथ गोष्ठी और कार्यशाला का आयोजन किया गया।
प्रभागीय वना अधिकारी भूमी संरक्षण वन प्रभाग लैन्सडौन स्पर्श काला ने अपने संदेश वन संपदा को बचाने के लिए सभी आम नागरिको से आह्वान किया तथा कहा जो भी ग्रामीण तथा ग्रामवासी आग बुझाने में सहयोग करेंगे उन्हें विभाग द्वारा सम्मानित किया जायेगा

वनक्षेत्र अधिकारी विशन दत्त जोशी ने कहा वनाग्नि काल से पूर्व जयहरीखाल रेंज तथा मटियाली रेंज के वनकर्मी गाँव गाँव जाकर बैठक करके जनजागरुकता अभियान चला रहे हैं उन्होने ने कार्यशाला, गोष्ठी, बैठको में आम जनता से अपील की कि वे वनो को आग से बचाने में विभाग का सहयोग करे उन्होने आग के दुष्परिणाम के बारे में बताया कि आग से मासूम पशु पक्षियों के अंडे बच्चे अग्नि के भेंट चढ जाते हैं और आग के धुयें से पूरा वातावरण दूषित हो जाता है जिसमें साँस लेने में कठनाई होती है क्योंकिमनुष्य तथा वन एक दूसरे पर आश्रित है वनो का अस्तित्व खत्म होगा तो मानव जीवन भी खतरे में पड जायेगा। आग लगाने वाले असामाजिक तत्वों पर भी इस साल शासन प्रशासन वन विभाग की पैनी नजर रहेगी जो भी इस तरह कृत्य मे दोषी पाया जायेगा उसे जुर्माना के साथ कारावास की सजा होगी।
ग्रामीणो ने इस तरह के कार्यक्रम से जनजागरुगता फैलेगी जिससे वनाग्नि की घटनाओ में कमी आयेगी ऐसे कार्यक्रमों की प्रशंसा की तथा जयहरीखाल रेंज के वनकर्मी वन दरोगा हरक सिंह दानु, रमेश गुसाँई, वन आरक्षी संजय कंडारी, प्रमोद वर्मा नौमान मटियाली रेंज के वन दरोगा कमलेश रतूडी, सतेन्द्र रावत का जनजारुकता अभियान चलाने के लिए आभार व्यक्त किया।
