@ जयपुर राजस्थान :-
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत और अतिरिक्त मुख्य सचिव मती अपर्णा अरोड़ा के निर्देश पर विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं से जुड़ी समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के लिए मुख्यालय पर शीघ्र ही “हेल्प डेस्क (समाधान कक्ष)” स्थापित किया जाएगा। यह पहल विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

अंबेडकर भवन में बुधवार को समस्त शाखाओं के प्रभारी अधिकारियों एवं संबंधित कार्मिकों को इस संबंध में विस्तृत तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान समाधान कक्ष की कार्यप्रणाली, समस्या दर्ज करने की प्रक्रिया, मॉनिटरिंग तंत्र तथा त्वरित निस्तारण की व्यवस्था पर विस्तार से जानकारी दी गई।
निदेशक आशीष मोदी ने बताया कि इसी प्रकार का नवाचार पूर्व में बतौर निदेशक माध्यमिक शिक्षा विभाग, बीकानेर रहते हुए सफलतापूर्वक लागू किया गया था, जिससे विभागीय कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला। उन्होंने कहा कि आगामी समय में सामाजिक न्याय विभाग में और भी कई नवाचार लागू किए जाएंगे, जिनसे लाभार्थियों को निर्धारित समय-सीमा में समाधान उपलब्ध कराया जा सकेगा तथा जवाबदेहिता सुनिश्चित होगी।
संयुक्त निदेशक (आईटी), माध्यमिक शिक्षा विभाग, बीकानेर गौरव शर्मा ने समाधान कक्ष प्रणाली के तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आधुनिक डिजिटल तंत्र की सहायता से ऐसा मैकेनिज्म विकसित किया गया है, जिससे योजनाओं से संबंधित समस्याओं की ऑनलाइन ट्रैकिंग, निगरानी एवं शीघ्र निस्तारण संभव होगा।
संयुक्त निदेशक (आईटी) सामाजिक न्याय अमर सिंह मीणा ने बताया कि समाधान कक्ष में प्राप्त प्रत्येक प्रकरण के त्वरित निस्तारण का लक्ष्य रखा जाएगा। साथ ही, नियमित मॉनिटरिंग एवं फीडबैक प्रणाली के माध्यम से इसकी प्रभावशीलता का मूल्यांकन भी किया जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सहित समस्त शाखाओं के कार्मिक उपस्थित रहे।
