@ गांधीनगर गुजरात :-
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए ‘वोकल फॉर लोकल’ मंत्र का अनुकरण करते हुए देश के नागरिकों का स्वदेशी उत्पाद अपनाने का आह्वान किया है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में गुजरात में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ग्रामीण एवं शहरी कारीगरों, हस्तकलाकारों तथा छोटे उद्योगों को समर्थन देने के लिए अनेक नई पहलें की हैं।

‘गुजरात आत्मनिर्भर यात्रा’, ‘जी-मैत्री योजना’, ‘महिला उद्योग सहायता योजना’ जैसे कार्यक्रमों द्वारा राज्य में स्वदेशी उत्पादों को नई ऊर्जा मिल रही है। इसके अतिरिक्त; शहरी विकास एवं शहरी गृह निर्माण विभाग अंतर्गत गुजरात शहरी आजीविका मिशन द्वारा स्वदेशी मेलों (शॉपिंग फेस्टिवल) का राज्यव्यापी आयोजन किया जा रहा है; जिनके माध्यम से स्थानीय कारीगरों, स्वयंसहायता समूहों तथा छोटे व्यापारियों को एक मजबूत प्लेटफॉर्म मिल रहा है।
उल्लेखनीय है कि गत वर्ष दशहरा से दीपावली के दौरान राज्य के 16 शहरों में प्लास्टिक फ्री ‘स्वदेशी फेस्टिवल’ का सफल आयोजन किया गया था। इन मेलों में 40.50 लाख से अधिक लोग आए थे और 10 करोड़ रुपए से अधिक की बिक्री दर्ज हुई थी। इस सफलता को आगे बढ़ाते हुए अब राज्य के सभी नगर पालिका क्षेत्रों में स्वदेशी मेलों (शॉपिंग फेस्टिवल) का आयोजन किया गया है; जिनके द्वारा स्वयंसहायता समूहों (एसएचजी), स्थानीय कारीगरों, कलाकारों तथा छोटे व्यापारियों को अपने स्वदेशी उत्पाद प्रदर्शित करने व बेचने का उत्तम अवसर मिलेगा।
15 मार्च तक राज्य के 152 नगर पालिका क्षेत्रों में स्वदेशी मेले आयोजित होंगे
15 मार्च, 2026 तक राज्य के सभी 152 नगर पालिका क्षेत्रों में स्वदेशी मेलों का आयोजन किया गया है। इस आयोजन के तहत 1500 से अधिक स्टॉल स्वयंसहायता समूहों को आवंटित किए गए हैं, जबकि स्ट्रीट वेंडर्स को 1400 से अधिक स्टॉल दिए गए हैं। खान-पान के 1500 स्टॉल तैयार किए जा रहे हैं और अन्य कारीगरों को अपने स्वदेशी उत्पादों की बिक्री करने के लिए 1650 से अधिक स्टॉल आवंटित किए गए हैं।
अब तक 38 नगर पालिका क्षेत्रों में स्वदेशी मेलों का प्रारंभ, 83 लाख रुपए से अधिक की बिक्री
राज्य में अब तक 38 नगर पालिका क्षेत्रों में स्वदेशी मेले शुरू किए गए हैं; जिनमें अहमदाबाद, भावनगर, गांधीनगर, राजकोट, सूरत तथा वडोदरा अंचलों के विभिन्न नगर पालिका क्षेत्र शामिल हैं। इस दौरान 1 लाख से अधिक लोग स्वदेशी मेलों में पहुँचे और 83 लाख रुपए से अधिक के उत्पादों की बिक्री हुई है। यह सफलता दर्शाती है कि नागरिक ‘वोकल फॉर लोकल’ पहल के साथ उत्साहपूर्वक जुड़ रहे हैं। स्वदेशी मेले केवल व्यापार के लिए प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए उल्लेखनीय प्रयास हैं।
भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दृढ़तापूर्वक मानते हैं कि स्वदेशी तथा आत्मनिर्भर भारत विकसित भारत के निर्माण का राजमार्ग है। इसका अनुकरण करते हुए गुजरात सरकार इसके लिए निरंतर प्रयास कर रही है कि आगामी समय में देश का प्रत्येक नागरिक ‘वोकल फॉर लोकल’ का वाहक बने और स्वदेशी के मंत्र का अनुकरण करे।
