@ नई दिल्ली :-
भारतीय नौसेना के स्वदेशी रूप से डिज़ाइन और निर्मित सर्वेक्षण पोत बड़ा (एसवीएल), INS Sandhayak ने 16 से 19 जुलाई 2025 तक हाइड्रोग्राफिक सहयोग के लिए मलेशिया के पोर्ट क्लैंग में अपना पहला बंदरगाह दौरा किया। यह दौरा भारतीय नौसेना हाइड्रोग्राफिक विभाग (आईएनएचडी) और राष्ट्रीय हाइड्रोग्राफिक कार्यालय के ढांचे के तहत क्षेत्रीय हाइड्रोग्राफिक क्षमता निर्माण में भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।

स्वदेशी रूप से डिज़ाइन और निर्मित संध्यायक-श्रेणी के पहले हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण पोत, INS Sandhayak को फरवरी 2024 में कमीशन किया गया (https://www.pib.gov.in/PressReleaseIframePage.aspx?PRID=2002179)। इस जहाज में तटीय और गहरे पानी का पूर्ण सर्वेक्षण, समुद्र विज्ञान संबंधी डेटा संग्रहण क्षमता है और यह हेलीकॉप्टर और अस्पताल कार्यों के साथ खोज और बचाव (एसएआर)/मानवीय कार्यों में भी सक्षम है।
क्लैंग बंदरगाह की इस जहाज की पहली यात्रा का उद्देश्य तकनीकी आदान-प्रदान को सुगम बनाना और सर्वेक्षण तकनीकों के आदान-प्रदान तथा निरंतर जल सर्वेक्षण सहायता जैसे समन्वित सहयोग के माध्यम से संस्थागत संबंधों को मजबूत करना है।
इस यात्रा के दौरान प्रमुख गतिविधियों में गहन ज्ञान आदान-प्रदान सत्र, आधिकारिक स्वागत समारोह और अंतर्राष्ट्रीय सद्भावना को बढ़ावा देने और महासागर (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति) के दृष्टिकोण के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए आयोजित कार्यक्रम शामिल हैं। यह यात्रा क्षेत्रीय समुद्री सहयोग के प्रति भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है।

