@ नई दिल्ली :-
प्रधानमंत्री संग्रहालय में एक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इसमें भारत के पहले स्वदेशी रूप से निर्मित विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत के रणनीतिक महत्व और राष्ट्र की रक्षा क्षमताओं और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला गया।

इस अवसर पर नौसेना के पूर्व प्रमुख एडमिरल आर. हरि कुमार ने प्रधानमंत्री संग्रहालय और पुस्तकालय के निदेशक अश्विनी लोहानी की उपस्थिति में प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
आईएनएस विक्रांत भारत में निर्मित पहला विमानवाहक पोत होने के नाते एक ऐतिहासिक उपलब्धि का प्रतिनिधित्व करता है, जो आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना के तहत रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में देश की प्रगति का प्रतीक है। लगभग 76% स्वदेशी सामग्री से निर्मित यह विमानवाहक पोत जटिल रक्षा प्लैटफॉर्मों में भारत की बढ़ती तकनीकी और औद्योगिक क्षमता को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री संग्रहालय के भीतर रणनीतिक रूप से स्थित आईएनएस विक्रांत के स्केल मॉडल का प्रदर्शन आगंतुकों को भारत के राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने और रक्षा तैयारियों को बढ़ाने में ऐतिहासिक, रणनीतिक और प्रतीकात्मक महत्व की प्रासंगिक जानकारी प्रदान करता है। यह स्केल मॉडल इससे पहले एडमिरल आर. हरि कुमार द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भेंट किया गया था।

उद्घाटन समारोह में एडमिरल आर. हरि कुमार ने कहा कि आईएनएस विक्रांत भारत को वैश्विक स्तर पर विमानवाहक पोत बनाने की क्षमता रखने वाले नौ चुनिंदा देशों के समूह में शामिल करता है, जो स्वदेशी रक्षा को मजबूत करने और ‘मेक इन इंडिया’ हथियार प्रणालियों के महत्व को रेखांकित करता है। पीएमएमएल के निदेशक अश्विनी लोहानी ने कहा कि इस तरह की प्रदर्शनियां आगंतुकों के बीच राष्ट्रीय गौरव की भावना को मजबूत करती हैं।

