मुख्यमंत्री ने सुलह विधानसभा क्षेत्र की सभी पात्र महिलाओं को 1500 रुपये देने की घोषणा

@ कांगड़ा हिमाचल :-

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कांगड़ा जिला के सुलह विधानसभा क्षेत्र की सभी पात्र महिलाओं को इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के तहत 1500 रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने सुलह विधानसभा क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड का डिवीजन खोलने और भवारना को नगर पंचायत बनाने की भी घोषणा की।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कांगड़ा जिला के विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है। कांगड़ा एयरपोर्ट का विस्तार किया जा रहा है तथा लोगों को जमीन का अच्छा मुआवजा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार से पूरे क्षेत्र में आर्थिक समृद्धि आएगी और यहां पर्यटन गतिविधियां बढें़गी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के युवाओं को छोटी नौकरी के लिए दिल्ली, चंडीगढ़ जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और उनकी यहीं पर बेहतर आय होगी।
सुलह में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सरकारी क्षेत्र में भी युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि अग्निवीर योजना शुरू होने के बाद हिमाचल प्रदेश के युवाओं का सेना से मोहभंग हो रहा है। राज्य सरकार 800 पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती में अग्निवीरों को भी भर्ती करेगी। उन्होंने 58 वर्ष तक नौकरी के साथ-साथ ओपीएस भी दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रशिक्षित युवाओं को दीर्घकालिक रोजगार सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें राज्य पुलिस में सेवा करने का अवसर देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि हम ऐसी नीतियों में विश्वास नहीं रखते जो चार साल बाद युवाओं का भविष्य समाप्त कर दें। हमारी सरकार सुरक्षित रोजगार और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में हिमाचल प्रदेश शिक्षा के स्तर में 21वें स्थान पर था। विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा सरकार ने बिना बजट और स्टाफ के स्कूल खोले या अपग्रेड कर दिए, जिससे प्रदेश में शिक्षा का स्तर गिरा। उन्होंने कहा, ‘‘मैं जनता के हित में फैसले लेता हूं। मां-बाप सोचते हैं कि मेरा बच्चा स्कूल गया है और अच्छा पढ़-लिखेगा। लेकिन अगर नींव कमजोर होगी तो बच्चों का आत्मविश्वास कैसे बढ़ेगा। वर्तमान राज्य सरकार के प्रयासों से आज हिमाचल प्रदेश गुणात्मक शिक्षा के मामले में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है।’’ उन्होंने कहा कि शिक्षा में सुधार के लिए राज्य सरकार अध्यापकों के पद भर रही है। पहली कक्षा से अंग्रेजी मीडियम में पढ़ाई शुरू की और अब 200 से ज्यादा स्कूलों को सीबीएसई पाठ्यक्रम आधारित बनाया जा रहा है।
सुक्खू ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के समय में स्वास्थ्य क्षेत्र में भी दयनीय स्थिति थी। उन्होंने कहा कि एक साल में टांडा मेडिकल कॉलेज सहित सभी मेडिकल कॉलेजों और पालमपुर अस्पताल के साथ-साथ सभी जोनल अस्पतालों में एम्स की तर्ज पर तकनीक उपलब्ध होगी, ताकि मरीजों का इलाज सही तरीके से हो सके। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए भर्ती प्रक्रिया जारी है और छह महीने के भीतर प्रदेश की सभी पीएचसी में चिकित्सक और मेडिकल कॉलेजों में स्पेशलिस्ट डॉक्टर उपलब्ध होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राम हमारे आराध्य है, केंद्र सरकार ने राम मंदिर स्थापना पर आधे दिन का अवकाश था, लेकिन वर्तमान राज्य सरकार ने एक दिन का अवकाश दिया। उन्होंने केंद्र सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने यह यह योजना गरीबों के हित में शुरू की थी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पांच चरणों में प्रदेश में आईआरडीपी का सर्वे कर रही है, क्योंकि राज्य सरकार किसी गरीब को उसके अधिकार से वंचित नहीं रखेगी।
राज्य कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष संजय सिंह चौहान की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संजय सिंह चौहान सच्चे मन से सुलह के लोगों की सेवा करना चाहते हैं और उनका दर्द बांटना चाहते हैं। वह ग्रामीण विकास बैंक को नई ऊंचाइयां प्रदान करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने चिट्टे के खिलाफ जन-जागरुकता की शपथ भी दिलाई और कहा कि राज्य सरकार चिट्टा माफिया के विरुद्ध सख्त कार्रवाई कर रही है। इस अवसर पर विभिन्न संगठनों ने मुख्यमंत्री को सम्मानित भी किया।
कृषि मंत्री चौधरी चंद्र कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की सोच गांव और गांव के लोगों के उत्थान की है तथा पिछले तीन साल उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए सभी बजट ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के साथ-साथ किसान और युवाओं के हाथ मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती के उत्पादों को देश में सबसे ज्यादा न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान किया है। प्राकृतिक खेती से उगाए गए गेहूं को 60 रुपए और मक्की को 40 रुपए की दर से खरीदा जा रहा है। इसके अलावा इन उत्पादों को बेहतर मार्केटिंग के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि किसानों को बेहतर दाम मिल सकें।
इस अवसर पर आयुष मंत्री यादवेंद्र गोमा, राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया, विधायक आशीष बुटेल, जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनुराग शर्मा, हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. राजेश शर्मा, एचआरटीसी के उपाध्यक्ष अजय वर्मा, वूल फेडरेशन के चेयरमैन मनोज ठाकुर, राम चंद्र पठानिया, देवेंद्र जग्गी, एपीएमसी कांगड़ा के चेयरमैन निशु मोंगरा, उपायुक्त हेमराज बैरवा, एसपी अशोक रत्न सहित वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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