@ गुवाहाटी असम :-
असम सरकार ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को बताया कि सरकार द्वारा घोषित सभी राहत उपायों को जमीनी स्तर पर तेजी से लागू किया जा रहा है, ताकि प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता और पुनर्वास सुविधाएं पहुंच सकें।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर कहा कि सरकार तत्काल राहत, पुनर्वास और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन 9 अगस्त से शुरू किया जाएगा। पात्र परिवारों को तत्काल जरूरतों के लिए 15,000 रुपये की अंतरिम वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसके अलावा, ओरुनोदोई योजना के तहत एक महीने के लिए सहायता राशि बढ़ाकर 2,500 रुपये कर दी गई है, जबकि सबसे अधिक प्रभावित शिवसागर और चराइदेव जिलों के परिवारों को 10,000 रुपये की अतिरिक्त सहायता मिलेगी।
सरकार ने बाढ़ में मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने तथा मुख्यमंत्री राहत कोष से 5 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही, ऋण भुगतान पर छह महीने की मोहलत, बिजली बिल और भूमि लगान में राहत भी प्रदान की जाएगी।
क्षतिग्रस्त आंगनवाड़ी केंद्रों और नामघरों के पुनर्निर्माण के लिए विशेष सहायता दी जाएगी। शिक्षा प्रभावित न हो, इसके लिए छात्रों को नई पाठ्यपुस्तकें, स्कूल यूनिफॉर्म और आवश्यक प्रमाणपत्रों की डुप्लिकेट प्रतियां मुफ्त उपलब्ध कराई जाएंगी।
हालिया बाढ़ से असम के 15 जिलों में 1.68 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य सरकार राहत शिविरों, वितरण केंद्रों और बचाव अभियानों के माध्यम से प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचाने में जुटी हुई है।
