@ नई दिल्ली :-
सरकार ने जानकारी दी है कि देश और विदेशों में अब तक 1.73 करोड़ से अधिक ई-पासपोर्ट जारी किए जा चुके हैं। राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया कि वर्तमान में भारत के सभी क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (RPO), पासपोर्ट सेवा केंद्र (PSK), डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र (POPSK) तथा विदेशों में स्थित सभी भारतीय दूतावास ई-पासपोर्ट जारी कर रहे हैं।

मंत्री ने बताया कि ई-पासपोर्ट सेवा की शुरुआत मई 2025 में की गई थी। इसका उद्देश्य पासपोर्ट प्रणाली को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और डिजिटल बनाना है। ई-पासपोर्ट में एक सुरक्षित इलेक्ट्रॉनिक चिप लगी होती है, जिसमें पासपोर्ट धारक की पहचान संबंधी जानकारी सुरक्षित रूप से संग्रहीत रहती है। इससे दस्तावेज़ों की सुरक्षा बढ़ती है और जालसाजी की संभावना कम होती है।
कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम के तहत नागरिकों को कई डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें पासपोर्ट सेवा पोर्टल, पासपोर्ट सेवा मोबाइल ऐप और नागरिक सेवा कॉल सेंटर शामिल हैं। इन माध्यमों से आवेदक घर बैठे आवेदन से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, अपने आवेदन की स्थिति की निगरानी कर सकते हैं और सामान्य प्रश्नों के उत्तर हासिल कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इन डिजिटल पहलों के कारण लोगों को प्रशासनिक पूछताछ के लिए बार-बार क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। इससे सेवाओं की पहुंच, पारदर्शिता और सुविधा में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। सरकार का लक्ष्य तकनीक के माध्यम से नागरिकों को तेज, सुरक्षित और अधिक प्रभावी पासपोर्ट सेवाएं उपलब्ध कराना है।
