@ नई दिल्ली :-
02 अगस्त 2025 को देहरादून (उत्तराखंड के डोईवाला स्थित भीमा सुरक्षा बल माहमिक एवं उनत प्रशिक्षण संस्थान (BSF Institute of Adventure and Advance Training) से चार गगनचुंबी पर्वत चोटियों को विजित करने को संकल्पित सीमा सुरक्षा बत के महत्वाकांक्षी पर्वतारोही दल की अपने अगले लक्ष्य के लिए रवाना किया गया। इस अभियान दल की वी अशोक कुमार, भारतीय पुलिस मेवा, महानिरीक्षक (प्रशिक्षण) मीमा सुरक्षा बल ने रवानगी की झंडी दिखाई। यह अभियान दल हिमालय के जिन चार ऊंची चोटियों को फतह करने निकला है, उनमें लाहौल और लद्दाख क्षेत्र में माउंट युनम (6111 मीटर), माउंट जुग्जे (6128 मीटर), माउंट घुम्ने पूर्व (6080 मीटर) और माउंट मेंटोक (6250 मीटर) शामिल हैं।

इस अभियान के दो उद्देश्य हैं, पहला 1995 में नुब्रा घाटी, काराकोरम रेंज में माउंट मासेर कांगडी ( 17672 मीटर) के पर्वतारोहण अभियान के दौरान अपनी जान गंवाने वाले बल के 13 पर्वतारोहियों को बद्धांजलि देना और दूसरा उद्देश्य ‘स्वच्छ भारत स्वच्चর हिमालय’ सहित ‘हम फिट तो इंडिया फिट” अभियान का नेतृत्व करना है।
इस 34 दिवसीय अभियान दन में पर्वतारोही, सहायक कर्मचारी, चिकित्सा चर्मचारी और परिवहन कर्मचारी सहित कुल 35 सदस्य शामिल हैं। सीमा सुरक्षा बन का यह अभियान पर्वतारोहियों की आरोहण क्षमताओं की बढ़ाने के लिए 6000 मीटर ऊंची 04 चोटियों पर एडवांस हाई एल्टीयूड अल्पाइन प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य को सफलीभूत करेगा।
इस अभियान में दिग्गज बौर प्रख्यात पर्वतारोहियों के अनुभव के साथ ही नए पर्वतारोहियों की सामूहिक ऊर्जा है। नारी सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को जाहिर करते हुए सीमा सुरक्षा बल ने महिला प्रहरियों को भी इस अभियान दन में नामित कर रखा है। अभियान दल का नेतृत्व विश्व विख्यात पर्वतारोही और बीमा सुरक्षा बल के डिप्टी कमांडेंट श्री नवराज सिंह धर्मजन्तु कर रहे हैं जो माउंट एवरेस्ट को सात बार फतह कर चुके हैं ।
हिमालय की उबाईयों को जता और कचरा-मुक्त रखने के पवित्र सिद्धांत का पालन करते हुए, दस के सदस्य 14,000 फीर में लेकर 20,500 फीट की ऊंचाई तक के ने पर्वतारोहण निविरों से भी कचरा इक्ट्ठा करने की जिम्मेदारी उठाएँन, ताकि उसका उचित निपटान हो सके। इस अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और न्पोबल वार्मिंग की रोकवान का एक ननत फैलाना तो है ही नही पर्वतारोहियों और ट्रेकर्स को ‘स्वच्छ भारत स्वच्चा हिमालय और हम फिट ती इंडिया फिट” पहल के प्रति भी संवेदनशील बनाना है।
आज वस्तुस्थिति यह है कि रोमांच की बीज और अजात का आकर्षण मीमा प्रहरियों के दैनिक जीवन का अनि अंग बन गया है। पर्वतारोहण इसी उद्दाम भावना की परिणति है जो नेतृत्व, सौहार्द, अनुभागन, जिम्मेदारी की भावना, आत्मविश्वास और सबसे बढ़कर बस्येव प्रतिकृत्न जलवायु परिस्थितियों में कुशलतापूर्वक कार्य करने की क्षमता जैसे आवश्यक गुणों के विकास के लिए एक अद्वितीय मंच उपलब्ध कराता है।
उल्लेखनीय है कि पर्वतारोहण के क्षेत्र में सीमा सुरक्षा बल का गौरवशाली इतिहास रहा हैन्डस प्रतिक्षित पर्वतारोही पल में एक पद्मची बऔर दो राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार विजेता सदस्य शामिल हैं। गौरतलब है कि सीमा सुरक्षा बल के नाम गर्वतारोहण के क्षेत्र में 2006 और 2018 में माउंट एवरेस्ट, 2008 में दुर्जेय माउंट कंचनजंगा, 2021 में माउंट व्होले, 2023 में माउंट मनाम्बू और 47 अन्य हिमानी चोटियों पर फल आरोहण महित अनेक गौरवमयी उपलब्धियों शामिल हैं।
