@ कमल उनियाल उत्तराखंड :-
महाविद्यालय में “जन उद्घोष में वंदे मातरम की भूमिका” विषय पर एक निबंध प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का प्रारंभ कार्यक्रम संयोजक डॉ शिप्रा द्वारा किया गया। इस प्रतियोगिता में विभिन्न संकायों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति की भावना को जागृत करना तथा वंदे मातरम के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व से अवगत कराना था।
प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों ने वंदे मातरम के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान, जनजागरण में इसकी भूमिका तथा वर्तमान समय में इसकी प्रासंगिकता पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
निर्णायक मंडल के रूप में हिंदी विभाग से डॉ सुमन कुकरेती एवं वाणिज्य संकाय के विभाग प्रभारी डॉ वरुण कुमार ने विद्यार्थियों की अभिव्यक्ति, भाषा शैली और विषय की गहराई के आधार पर मूल्यांकन किया। निबंध प्रतियोगिता में प्रथम स्थान अदीप सिंह(बी.एस. सी.षष्ठम सेम), द्वितीय स्थान मीनाक्षी (बी.ए.द्वितीय सेम), तृतीय स्थान अमीषा (बी.ए.द्वितीय सेम) ने प्राप्त किया।
कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. एल. आर. राजवंशी ने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन छात्रों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस उपलक्ष पर हिंदी विभाग प्रभारी डॉ उमेश ध्यानी, राजनीति विज्ञान से डॉ अजय रावत एवं डॉ वदंना ध्यानी बहुगुणा, अर्थशास्त्र विभाग से डॉ नेहा शर्मा एवं डॉ दुर्गा रजक, अंग्रेजी विभाग प्रभारी डॉ मानसी वत्स एवं भुगोल विभाग से डॉ वसीम अहमद एवं अन्य प्राध्यापकगण उपस्थित रहे। प्रतियोगिता का समापन राष्ट्रगीत (वन्दे मातरम) गाकर
किया गया।
