पंजाब सरकार ने पंचायती ज़मीन पर फलदार पौधे लगाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया

@ चंडीगढ़ पंजाब :-

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में, पंजाब सरकार ने राज्य भर में बागवानी को बढ़ावा देने और फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए गाँवों की पंचायती ज़मीनों पर फलों के बाग लगाने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है। इसी उद्देश्य से, बागवानी, रक्षा सेवा कल्याण और स्वतंत्रता सेनानी मंत्री मोहिंदर भगत और ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंद ने आज चंडीगढ़ में संयुक्त रूप से ‘अपना पिंड – अपना बाग’ अभियान का शुभारंभ किया। यह पहल बागवानी विभाग और ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के सहयोग से चलाई जा रही है।

अभियान का शुभारंभ करते हुए, बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ‘रंगला पंजाब’ और ‘हरा भरा पंजाब’ की परिकल्पना करते हैं और आज की यह पहल उस परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक ठोस कदम है।

उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तहत लगाए गए बागों का रखरखाव पहले तीन वर्षों तक मनरेगा के तहत किया जाएगा, जिससे श्रमिकों को अतिरिक्त रोजगार मिलेगा। तीन साल बाद, बागों को ग्राम पंचायतों को सौंप दिया जाएगा और इससे होने वाली आय का उपयोग गाँवों के विकास में किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि इन बागों से फल प्रसंस्करण से स्वयं सहायता समूहों की आय में भी वृद्धि होगी।

मंत्री ने आगे बताया कि पहले चरण में नौ जिलों में 65 एकड़ पंचायती भूमि पर फलों के बाग लगाए जाएँगे। इनमें गुरदासपुर में 5 एकड़, होशियारपुर में 22 एकड़, जालंधर में 2.5 एकड़, लुधियाना में 5 एकड़, पठानकोट में 15 एकड़, अमृतसर में 2 एकड़, कपूरथला में 4 एकड़, बठिंडा में 6 एकड़ और मलेरकोटला में 4 एकड़ शामिल हैं। इस अवसर पर मंत्री भगत ने अभियान पर एक पुस्तिका का विमोचन भी किया।

उन्होंने आगे बताया कि पंचायतें अपनी ग्राम पंचायती भूमि पर बाग लगाने के लिए प्रस्ताव पारित कर सरकार से संपर्क कर सकती हैं।

इस अवसर पर ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंद ने कहा कि पहले राज्य में नहरी पानी का पूरा उपयोग नहीं हो रहा था, लेकिन मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में जल संसाधन विभाग अब सिंचाई के लिए इसका उचित उपयोग सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की इस उल्लेखनीय पहल से गांवों में बागवानी को बढ़ावा मिलेगा और भूमिगत जल संरक्षण में भी मदद मिलेगी। उन्होंने आगे कहा कि यह परियोजना ग्लोबल वार्मिंग को कम करने में योगदान देगी। सोंद ने ग्राम पंचायतों से अपील की कि वे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और गांवों को हरा-भरा बनाने के लिए पंचायती भूमि पर फलों के बाग लगाने के लिए आगे आएं।

इस अवसर पर सचिव ग्रामीण विकास एवं पंचायत अजीत बालाजी जोशी, कृषि आयुक्त बबीता, बागवानी निदेशक शैलेंदर कौर, ग्रामीण विकास एवं पंचायत निदेशक उमा शंकर गुप्ता, संयुक्त विकास आयुक्त-सह-मनरेगा आयुक्त डॉ. शेना अग्रवाल, मुख्य संरक्षक मोहिंदर सिंह सैनी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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