पुनर्वास महानिदेशालय ने पूर्व सैनिकों के लिए विभिन्न पुनर्वास और पुनर्स्थापन योजनाएं चलाई

@ नई दिल्ली :-

वर्ष 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार, पूर्व सैनिकों की संख्या 28,31,109 है। पुनर्वास महानिदेशालय (डीजीआर) ने पूर्व सैनिकों के लिए विभिन्न पुनर्वास और पुनर्स्थापन योजनाएं चलाई हैं।

पुनर्वास महानिदेशालय की योजनाओं का विवरण

  • डीजीआर प्रायोजित सुरक्षा एजेंसी योजना: डीजीआर, विभिन्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई) कॉर्पोरेट और निजी क्षेत्र के उपक्रमों को आवश्यकतानुसार सुरक्षा गार्ड प्रदान करने के लिए ईएसएम द्वारा संचालित निजी सुरक्षा एजेंसियों और राज्य ईएसएम निगमों को सूचीबद्ध/प्रायोजित करता है।
  • डीजीआर तकनीकी सेवा योजना: डीजीआर सूचीबद्ध राज्य ईएसएम निगमों के माध्यम से सरकारी प्रतिष्ठानों/परिसरों में’तकनीकी सेवाओं’ के लिए पूर्व सैनिकों की सेवाएं प्रदान करता है।
  • पूर्व सैनिक कोयला लदान एवं परिवहन योजना (केवल अधिकारियों के लिए): यह योजना कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) और डीजीआर के बीच हुए समझौता ज्ञापन के आधार पर संचालित की जाती है। सीआईएल के वर्ष 2013 के समझौता ज्ञापन से हटने के बाद वर्तमान में यह योजना विचाराधीन है।
  • पूर्व सैनिक के लिए कोयला टिपर अटैचमेंट योजना (जेसीओ/ओआर के लिए): इस योजना को कोल लोडिंग और ट्रांसपोर्टेशन योजना से जोड़ा गया है।
  • विधवाओं और दिव्यांग सैनिकों के लिए टिपर अटैचमेंट योजना: 65 वर्ष तक की आयु की विधवाएं और 50 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांग सैनिक इस योजना के लिए नामांकन के पात्र हैं।
  • तेल विपणन कंपनियों के एलपीजी/खुदरा आउटलेट (पेट्रोल/डीजल) वितरक पद के आवंटन हेतु 8 प्रतिशत आरक्षित कोटा के तहत डीजीआर पात्रता प्रमाण पत्र जारी करना: युद्ध विधवाओं/युद्ध में शहीद हुए व्यक्तियों के आश्रितों, युद्ध के दौरान परिचालन क्षेत्र में सेवा के दौरान निशक्त हुए व्यक्तियों, सैन्य सेवा के कारण या उससे संबंधित कारणों से सेवारत रहते हुए शहीद हुए व्यक्तियों की विधवाओं/आश्रितों और सैन्य सेवा या उससे संबंधित कारणों से शांति काल में दिव्यांग हुए पूर्व सैनिकों सहित पूर्व सैनिक इस योजना के लिए पात्र हैं।
  • कंपनी के स्वामित्व वाले और कंपनी द्वारा संचालित (सीओसीओ) खुदरा दुकानों का प्रबंधन: इच्छुक पूर्व सैनिक अधिकारी और जेसीओ, जिन्होंने किसी अन्य सरकारी/डीजीआर योजना का लाभ नहीं उठाया है, को तेल कंपनी द्वारा आगे चयन के लिए अनुरोध के आधार पर सीओसीओ के लिए प्रायोजित किया जाता है।
  • एनसीआर/पुणे में सीएनजी स्टेशनों का प्रबंधन: इस योजना में पंजीकृत इच्छुक पूर्व सैनिकों को आईजीएल (नई दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र) और एमएनजीएल (पुणे/नासिक) से अनुरोध प्राप्त होने पर प्रायोजित किया जाता है।
  • एनसीआर में मदर डेयरी के दूध बूथ और फल एवं सब्जी (सफल) की दुकानों का आवंटन: पूर्व-शिक्षित वयस्कों (पूर्व सैनिकों) को 60 वर्ष की आयु तक दूध/सफल (फल एवं सब्जी) बूथों के लिए अलग से पंजीकृत किया जाता है। वे इन दुकानों के माध्यम से अपनी आजीविका कमाते हैं।
  • पूर्व सैनिकों को प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) में शामिल करना: सरकार की पीएमबीजेपी योजना का उद्देश्य देशभर में जेनेरिक दवाओं की दुकान ​​स्थापित करना है ताकि सभी को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। डीजीआर ने इस योजना की शुरुआत जून 2023 में की थी।
  • पुनर्वास प्रशिक्षण/कौशल विकास पाठ्यक्रम: भारतीय सशस्त्र बलों के सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए पुनर्वास/कौशल विकास प्रशिक्षण पाठ्यक्रम आयोजित करने और संचालित करने की जिम्मेदारी डीजीआर के प्रशिक्षण निदेशालय की है ताकि सेवानिवृत्त कर्मियों के कौशल को नागरिक क्षेत्र में सुचारू रूप से उपयुक्त रोजगार के लिए बढ़ाया जा सके।
    • अधिकारियों के लिए – पाठ्यक्रम शुल्क का 60 प्रतिशत रक्षा मंत्रालय/डीजीआर द्वारा और 40 प्रतिशत प्रत्येक अधिकारी द्वारा व्यक्तिगत रूप से वहन किया जाता है। अधिकारियों की विधवाएं भी उपरोक्त पाठ्यक्रमों में भाग लेने के लिए पात्र हैं।
    • जेसीओ/ओआर और समकक्षों के लिए – पाठ्यक्रम शुल्क का शत-प्रतिशत भुगतान रक्षा मंत्रालय/डीजीआर द्वारा किया जाता है। जेसीओ/ओआर की विधवाएं डीजीआर द्वारा प्रायोजित पाठ्यक्रमों में भाग लेने के लिए पात्र हैं।

महानिदेशालय पुनर्वास रोजगार/स्वरोजगार योजनाओं से कुल 67,316 पूर्व सैनिकों को लाभ मिला है।

वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान, पुनर्वास महानिदेशालय के कौशल विकास कार्यक्रमों, प्रशिक्षणों और योजनाओं के अंतर्गत कुल 11,589 सेवानिवृत्त और पूर्व-सेवानिवृत्त अधिकारियों/जूनियर कमीशंड अधिकारियों/अन्य रैंकों को पुनर्वास प्रशिक्षण/कौशल विकास पाठ्यक्रम प्रदान किए गए हैं। सशस्त्र बलों के पूर्व सैनिकों को भी उपरोक्त विवरण के अनुसार रक्षा मंत्रालय के पुनर्वास महानिदेशालय द्वारा प्रशिक्षण और कौशल प्रदान किया जा रहा है।

सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) से वर्ष 2024-25 के दौरान, पूरे देश में 427 पॉलीक्लिनिकों और नेपाल में 6 पॉलीक्लिनिकों के साथ-साथ सूचीबद्ध अस्पतालों के माध्यम से पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को चिकित्सा सुविधाएं प्राप्त हुई है। ईसीएचएस के अंतर्गत स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार उन पांच जिलों तक किया गया जहां पॉलीक्लिनिक नहीं थे। सरकार ने पांच नए जिलों सहित पूरे देश में 21 नए ईसीएचएस पॉलीक्लिनिकों को मंजूरी दी है।

रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने सोमवार को राज्यसभा में प्रदीप कुमार वर्मा के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

4 thoughts on “पुनर्वास महानिदेशालय ने पूर्व सैनिकों के लिए विभिन्न पुनर्वास और पुनर्स्थापन योजनाएं चलाई

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