@ तरूण कुमार निमेष :-
दिल्ली के थाना विवेक विहार पुलिस स्टाफ ने उत्कृष्ट कार्य करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे घोषित अपराधी सुनील कुमार चौहान को गिरफ्तार कर कानून व्यवस्था को और सशक्त बनाया है। यह कार्रवाई पुलिस की सतर्कता, सूझबूझ और त्वरित निर्णय क्षमता का बेहतरीन उदाहरण है।

पुलिस को विश्वसनीय गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि सुनील कुमार चौहान, पुत्र स्वर्गीय विजयपाल चौहान, निवासी ई-374, विवेकानंद मार्ग, छज्जूपुर, शाहदरा, दिल्ली अपने घर पर मौजूद है। सूचना में यह भी बताया गया था कि यदि समय रहते रेड की जाए तो आरोपी को पकड़ा जा सकता है। यह सूचना तुरंत थाना प्रभारी विवेक विहार को दी गई, जिन्होंने बिना देरी किए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
थाना प्रभारी के निर्देशन में हेड कांस्टेबल नरेश कसाना और हेड कांस्टेबल सुदेश की एक समर्पित टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए बताए गए पते पर पहुंचकर इलाके में निगरानी शुरू की। गुप्त सूचनाकर्ता के इशारे पर पुलिस टीम ने आरोपी के घर में प्रवेश किया और पूरी सतर्कता के साथ घोषित अपराधी सुनील कुमार चौहान को दबोच लिया।
उल्लेखनीय है कि आरोपी को माननीय न्यायालय मोक्षा बैंस, जेएमएफसी/महिला न्यायालय-02, शाहदरा, कड़कड़डूमा कोर्ट, दिल्ली द्वारा दिनांक 26 मई 2025 को एफआईआर नंबर 551/2016, थाना विवेक विहार के तहत घोषित अपराधी करार दिया गया था। आरोपी लंबे समय से कानून से बचता फिर रहा था, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के आगे उसकी एक न चली।
13 दिसंबर 2025 को आरोपी की गिरफ्तारी डीडी नंबर 10अ के तहत धारा 35.1(डी) बीएनएसएस में दर्ज की गई। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को विधिवत रूप से माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया अमल में लाई गई।
इस सफल कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम की भूमिका सराहनीय रही। हेड कांस्टेबल नरेश कसाना (1007/एसएचडी) और हेड कांस्टेबल सुदेश (1562/एसएचडी) ने पूरी निष्ठा और साहस के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। थाना विवेक विहार पुलिस की इस सफलता से क्षेत्र में कानून का भय और आम जनता में सुरक्षा की भावना और अधिक मजबूत हुई है।

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