@ लख़नऊ उत्तरप्रदेश :-
उत्तर प्रदेश में ग्रामीण कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। ‘मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना, 2026’ के तहत 12 हजार से अधिक ऐसे गांवों तक बस सेवा पहुंचाई जाएगी, जहां अब तक सार्वजनिक परिवहन का कोई साधन उपलब्ध नहीं था। यह पहल गांवों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बाजार से जोड़ने का व्यापक प्रयास है।

इस पहल से करीब 1.5 करोड़ छात्रों को स्कूल और कॉलेज पहुंचने में आसानी होगी, जिससे ड्रॉपआउट दर में कमी आने की उम्मीद है। साथ ही ग्रामीण परिवारों को महंगे और अस्थायी परिवहन साधनों से राहत मिलेगी और उनका खर्च भी कम होगा।
लखनऊ से शुरू हुई इस योजना के जरिए सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब विकास का अर्थ केवल सड़क निर्माण नहीं, बल्कि उस पर नियमित और भरोसेमंद परिवहन सुनिश्चित करना भी है। आंकड़ों के अनुसार, ग्रामीण परिवहन पर घरेलू खर्च 2011-12 में 4.2% था, जो 2022-23 में बढ़कर 7.5% हो गया है।
योजना के तहत प्रदेश की 59 हजार से अधिक ग्राम सभाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। खास बात यह है कि लगभग 5 हजार ऐसे गांव, जहां बड़ी बसें नहीं पहुंच सकतीं, वहां 28 सीटों तक की छोटी बसें चलाई जाएंगी। हर ग्राम पंचायत में दिन में कम से कम दो बार बस सेवा सुनिश्चित की जाएगी—सुबह 10 बजे से संचालन शुरू होकर रात 8 बजे तक बसों की वापसी अनिवार्य होगी।
यह योजना ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा करेगी। बस चालक और सहायक स्टाफ की भर्ती स्थानीय स्तर पर की जाएगी। निजी ऑपरेटरों को कर छूट और परमिट में राहत देकर इस मॉडल में शामिल किया जा रहा है, जिससे परिवहन व्यवस्था के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
योजना के प्रभावी संचालन के लिए जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में समितियां बनाई जाएंगी, जो किराया निर्धारण और सेवा की निगरानी करेंगी। बसों का रात तक गांव लौटना अनिवार्य होगा, जिससे सेवा की नियमितता बनी रहे।
‘मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना, 2026’ सिर्फ एक परिवहन योजना नहीं, बल्कि गांवों को अवसरों से जोड़ने की एक बड़ी पहल है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने साफ किया है कि विकास का असली पैमाना वही है, जो अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
