@ भोपाल मध्यप्रदेश :-
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने निवास कार्यालय भोपाल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बालाघाट जिले में स्वास्थ्य सेवाओं एवं स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि बालाघाट के पूरे क्षेत्र को स्वास्थ्य सेवाओं से प्रभावी रूप से कवर करना है। कोई भी पात्र व्यक्ति स्वास्थ्य सुविधा से वंचित न रहे और प्रत्येक स्तर पर स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत एवं जवाबदेह बनाया जाए। बैठक में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सुखवीर सिंह, आयुक्त धनराजू एस, एमडी एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बालाघाट कलेक्टर कुँअर सत्यम, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि बालाघाट जिले के प्रत्येक क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। स्वास्थ्य अधोसंरचना के सशक्तीकरण के लिए आवश्यकतानुसार संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों सहित पूरे क्षेत्र को स्वास्थ्य सेवाओं के दायरे में लाते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता और पहुंच को और बेहतर बनाया जाए।
शत-प्रतिशत टीकाकरण और गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन सुनिश्चित करें
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि बालाघाट नक्सल प्रभाव से मुक्त हुआ है। ऐसे क्षेत्रों में स्थानीय निवासियों को स्वास्थ्य सेवाओं एवं विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के प्रति जागरुक बनाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य जागरुकता अभियान से जोड़ते हुए शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने गर्भवती महिलाओं के पंजीयन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गर्भवती महिला का समय पर पंजीयन हो तथा सभी एएनसी (ANC) समय पर हों, यह सुनिश्चित किया जाए। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) वाली गर्भवती महिलाओं को समय पर चिन्हित कर उनका नियमित फॉलोअप किया जाए और आवश्यकतानुसार उन्हें उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में उपचार एवं प्रसव की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
67 नए मेडिकल ऑफिसर्स की पदस्थापना
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि बालाघाट जिले में आवश्यकता एवं मांग के अनुरूप 67 नए मेडिकल ऑफिसर्स की पदस्थापना की गई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उपलब्ध मानव संसाधन का प्रभावी उपयोग करते हुए प्रत्येक क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य अधिकारियों की मैदानी उपस्थिति आवश्यक है। स्वास्थ्य अधिकारी नियमित रूप से क्षेत्रों का दौरा करें और मैदानी अमले की कार्यप्रणाली की समीक्षा करें।
जन्मजात बीमारियों से प्रभावित बच्चों का समय पर उपचार पर दें विशेष ध्यान
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि जन्मजात बीमारियों से प्रभावित बच्चों की पहचान एवं उपचार पर विशेष ध्यान दिया जाए। जन्मजात हृदय रोग, क्लेफ्ट लिप, क्लब फुट आदि समस्याओं से प्रभावित बच्चों को चिन्हित कर उनकी आवश्यक सर्जरी एवं उपचार समय पर कराया जाए। उन्होंने कहा कि आरबीएसके (RBSK) के अंतर्गत पात्र बच्चों की आवश्यक सर्जरी एवं उपचार की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध है। इसलिए ऐसे बच्चों की पहचान, रेफरल और उपचार की पूरी प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जाए, ताकि कोई भी बच्चा आवश्यक उपचार से वंचित न रहे।
टीकाकरण के लिए वैकल्पिक व्यवस्था का भी उपयोग करें
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि जहां नियमित टीकाकरण व्यवस्था के माध्यम से शत-प्रतिशत कवरेज प्राप्त करने में कठिनाई हो, वहां आवश्यकता के अनुसार हायर्ड वैक्सीनेटर तथा ऑल्टरनेट वैक्सीन डिलीवरी (एवीडी) जैसी व्यवस्थाओं को प्रोत्साहित किया जाए। दूरस्थ एवं कठिन पहुंच वाले क्षेत्रों में विशेष रणनीति बनाकर टीकाकरण का लक्ष्य पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विशेष अभियान चला कर टीकाकरण से छूटे बच्चों की पहचान करें और शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जाये।
पंचायतों को सुमन पंचायत के लिए प्रेरित करें
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को जनभागीदारी से मजबूत किया जाए। पंचायतों को सुमन पंचायत बनने के लिए प्रेरित करें और स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सक्रिय रूप से शामिल करें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच केवल विभागीय प्रयासों से नहीं, बल्कि स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी से अधिक प्रभावी बनाई जा सकती है। इसलिए स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य जागरूकता अभियान का हिस्सा बनाया जाए।
स्वच्छता अभियान को गति दें
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के बीच सीधा संबंध बताते हुए क्षेत्र में विशेष स्वच्छता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंचायतों, स्थानीय संस्थाओं एवं नागरिकों की सहभागिता से स्वच्छता को जन-अभियान का स्वरूप दिया जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था को फुलप्रूफ बनाने के लिए बीमारी की रोकथाम, समय पर पहचान, उपचार, टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा स्वच्छता—सभी पहलुओं पर एक साथ कार्य किया जाना आवश्यक है।
स्वास्थ्य सेवाओं में संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाएगी
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए आवश्यक संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले की आवश्यकता के अनुसार मानव संसाधन, दवाएं, उपकरण, परिवहन एवं अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए शासन स्तर से आवश्यक सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करें।
बालाघाट में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि बालाघाट में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए आवश्यकतानुसार सभी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्वास्थ्य संस्थानों के सुदृढ़ीकरण के लिए 2 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही 2 नए पीएचसी, 1 एसएचसी एवं 2 एमएमयू की स्वीकृति के निर्देश दिए हैं। अन्य आवश्यकताओं की भी प्राथमिकता से पूर्ति की जाएगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि अंतर्विभागीय समन्वय से पेयजल एवं बाल पोषण सेवाओं को सशक्त किया जाए। आंगनवाड़ी केंद्रों को सुदृढ़ करने के साथ बच्चों एवं हितग्राहियों का नियमित फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए। आवश्यकतानुसार आशा एवं एएनएम के पदों की भी स्वीकृति दी जाएगी।
